Tuesday, February 17, 2026
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HomePrayagrajयादगार बन जाती है कर्मशील व्यक्ति की स्मृतियां : केदारनाथ

यादगार बन जाती है कर्मशील व्यक्ति की स्मृतियां : केदारनाथ

हंडिया। लालबहादुर शास्त्री स्मारक राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय हंडिया में संस्थापक स्व. पुरुषोत्तम तिवारी स्मृति व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हंडिया ब्लॉक के रिखीपुर गांव निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पुरुषोत्तम तिवारी को आजादी के आंदोलन में तीन बार जेल की यात्रा करनी पड़ी थी। उनका मानना था कि शैक्षिक विकास से ही आजाद भारत के उत्थान का मार्ग प्रशस्त होगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के आयुर्वेद संकाय के पूर्व डीन प्रो. चंद्रभूषण झा ने रस शास्त्र पर आधारित आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण, उसकी गुणवत्ता तथा प्रयोग की विधि पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ निरंजन सोनकर, प्रो. एसपी पाल ने भी विचार व्यक्त किया। इस दौरान प्रो. सीबी झा को श्री लालबहादुर शास्त्री आयुर्विज्ञान कर्मयोगी पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. एसडी महोपात्रा तथा संचालन डॉ. ऋतुराज त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर डॉ. परवेज अहमद अंसारी, डॉ. राकेशकुमार, डॉ. संतोषकुमार मौर्य, डॉ. प्रेमप्रकाश गंगवार, डॉ. निरंजन सोनकर, डॉ. अवनीश पांडेय रहे।

 

 

Anveshi India Bureau

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