Iran war: ईरान पर हमले के बाद से खाड़ी देशों की उड़ानों का संचालन गड़बड़ा गया है। लगातार विमानों के रद्द होने का सिलसिला जारी है।
अमौसी एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के बीच विमानों का संचालन सामान्य नहीं हो सका है। बृहस्पतिवार को दम्माम, दुबई, अबुधाबी आदि की आठ उड़ानें निरस्त रहीं। इस कारण 450 से अधिक टिकट निरस्त करवाए गए। एयरलाइनों ने सवा दो लाख रुपये का रिफंड दिया। कई कंपनियों ने हालात सामान्य होने के बाद टिकट जारी करने की बात कही है।
ईरान पर हमले के बाद से खाड़ी देशों की उड़ानों का संचालन गड़बड़ा गया है। ईरान व दुबई का एयरस्पेस बंद होने से लखनऊ से खाड़ी देशों की उड़ानें निरस्त कर दी गई हैं। पहले इनकी संख्या 17 थी, जो बृहस्पतिवार को घटकर आठ रह गई।
दुबई की एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान आईएक्स-193, अबुधाबी के लिए इंडिगो की 6ई-1415, दम्माम के लिए इंडिगो की उड़ान 6ई-097 रद्द रही। शारजाह से लखनऊ आने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई-1424, दुबई से आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान आईएक्स-198, अबुधाबी से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई-1416, दम्माम से आने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई-098 तथा दुबई से आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान आईएक्स-194 रद्द रही। उधर, अमौसी एयरपोर्ट पर यात्री पर उनके परिजन विमानों की जानकारियां लेने के लिए काउंटरों के चक्कर लगाते रहे।
रिफंड के लिए भी यात्री परेशान
धीरेंद्र सिंह ने दुबई से लखनऊ का हवाई टिकट करवाया था। तीन मार्च को उनकी उड़ान निरस्त किए जाने के बाद से वह रिफंड के लिए परेशान हैं। ऐसे ही मो. इखलाक अहमद ने रियाद के लिए टिकट करवाया था। एयरस्पेस बंद होने से उनका टिकट निरस्त हो गया है, लेकिन अब तक रिफंड नहीं आया। एयरलाइन से संपर्क करने पर बताया गया कि टिकट एजेंट के खाते में पैसा भेजा जा चुका है।
खजूर की कीमतों में आया उछाल, युद्ध से आयात पर अनिश्चितता

खजूर की मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी उछाल
रमजान के बीच खजूर की मांग बढ़ने के साथ ही इसकी कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है। ईरान-इस्राइल के बीच जारी तनाव के कारण खाड़ी देशों से खजूर के आयात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार में बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन फुटकर बाजार में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है और ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
थोक व्यापारियों के पास फिलहाल खजूर का स्टॉक पर्याप्त बताया जा रहा है, लेकिन शहर के चौक, अमीनाबाद और नक्खास समेत प्रमुख बाजारों के फुटकर व्यापारियों ने संभावित आयात संकट को देखते हुए कीमतों में हल्की बढ़ोतरी कर दी है। चौक के खजूर व्यापारी राशिद ने बताया कि रमजान के कारण मांग पहले से ज्यादा है। अभी बाजार में स्टॉक तो है, लेकिन नया माल नहीं पहुंचा है। यदि पश्चिम एशिया के हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आगे कीमतें और बढ़ सकती हैं।
थोक कारोबारी दानिश ने बताया कि थोक मंडी में खजूर के दाम लगभग पहले जैसे ही हैं, लेकिन अमीनाबाद के व्यापारी जुनैद खान, डंडइया के भूरे का कहना है कि थोक बाजार में पिछले सात दिन में पांच से 10 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। सर्वाधिक रूप से पसंद किया जाने वाला कीममिया खजूर का आधा किलो का डिब्बा पहले 150 रुपये में बिक रहा था, अब थोक में 160 और फुटकर में 180-190 रुपये तक पहुंच गया है। कमोवेश यही स्थिति लगभग सभी प्रकार के खजूरों की है।
मंडी के थोक कारोबारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि भारत में आने वाला अधिकांश खजूर सऊदी अरब, ईरान और खाड़ी देशों से आता है। यदि वहां की स्थिति का असर आपूर्ति पर पड़ा तो रमजान के आखिरी दिनों में कीमतों में और तेजी आ सकती है। व्यापारियों के मुताबिक फिलहाल बाजार में खजूर की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन आयात को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बाजार में कीमतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं।
Courtsyamarujala.com



