इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांकेबिहारी कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर जवाब मांगा है। याची ने धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को नुकसान न पहुंचाने की मांग की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के आसपास की कुंज गलियों और अन्य मंदिरों को गिराए जाने की प्रस्तावित योजना को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की अदालत ने मथुरा के पंकज की जनहित याचिका पर दिया है।
याची की ओर से दलील दी गई कि कुंज गलियां सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि बांके बिहारी की लीलाओं से जुड़ी ऐतिहासिक और पवित्र स्थली हैं। इन्हें नष्ट करना वैष्णव भक्ति परंपरा की जीवित धरोहर को खत्म करना होगा। ये गलियां भक्तों के लिए उतनी ही पूज्य हैं, जितना स्वयं मंदिर।



