Saturday, February 21, 2026
spot_img
HomePrayagrajUP : संभल हिंसा मामले में सांसद जिया उर रहमान बर्क को...

UP : संभल हिंसा मामले में सांसद जिया उर रहमान बर्क को हाईकोर्ट से राहत, निचली अदालत की अग्रिम कार्रवाई पर रोक

Allahabad High Court : संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में आरोपी बनाए गए संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई नौ सितंबर को होगी।

संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई अब नौ सितंबर को होगी। सांसद बर्क की तरफ से पूर्व अपर महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह, विनीत विक्रम और इकबाल अहमद ने पक्ष रखा। सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल कोर्ट में पेश हुए। सांसद बर्क ने संभल हिंसा मामले में दाखिल चार्जशीट को चुनौती दी है।

 

क्या है पूरा मामला

संभल स्थित जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने अपनी याचिका में संभल के स्पेशल जज (एमपी/एमएलए)/सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में चल रही पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है।

यह मामला 24 नवंबर 2024 का है, जब संभल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस घटना के बाद, एसआई दीपक राठी ने कोतवाली थाने में सांसद जिया उर रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में दंगा भड़काने सहित कई आरोप लगाए गए हैं।

जिया उर रहमान बर्क ने अपनी याचिका में 12 जून 2025 को दाखिल की गई चार्जशीट और 18 जून 2025 को संभल कोर्ट द्वारा पारित संज्ञान आदेश सहित पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग की है। उन्होंने हाईकोर्ट से यह भी प्रार्थना की है कि जब तक उनकी याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ दर्ज इस मामले में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। इस याचिका में राज्य सरकार और एसआई दीपक राठी को प्रतिवादी बनाया गया है।

इसी मामले में, 24 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली को सशर्त जमानत दे दी थी। जफर अली को पुलिस ने 23 मार्च 2025 को विवेचना के दौरान नाम सामने आने के बाद गिरफ्तार किया था, जबकि एफआईआर में उनका नाम शामिल नहीं था।

 

 

 

Courtsy amarujala

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments