Friday, February 27, 2026
spot_img
HomePrayagrajUP : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मेडिकल जांच में...

UP : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि का दावा

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि किसी अधिकारी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एक धर्मगुरु के शिष्य के मुताबिक मेडिकल जांच में बच्चों का यौन शोषण किया गया है। हालांकि इस बारे में जब पुलिस अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

बेली अस्पताल में बच्चों की उम्र और यौन उत्पीड़न की जांच की गई है। रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि का दावा किया जा रहा है। हालांकि रिपोर्ट की किसी अधिकारी की तरफ से पुष्टि नहीं की गई है। इसके अलावा बच्चों की सही उम्र का पता लगाने के लिए भी दांतों की जांच की गई है। इसकी रिपोर्ट का भी इंतजार है। बताया जा रहा है कि सभी जांच रिपोर्ट विवेचना अधिकारी को सौंपी जाएगी और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके आधार पर ही मुकदमे की आगे की कार्रवाई होगी।

 

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर सुनवाई कल

 

नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप से घिरे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में सूचीबद्ध है।

एक जाने-माने धर्मगुरु के शिष्य की ओर से नाबालिगों के संरक्षक के रूप में प्रयागराज के झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मंगलवार को शंकराचार्य के वकीलों की ओर से अग्रिम जमानत याचिका की प्रति शासकीय अधिवक्ता के कार्यालय को प्राप्त कराई गई थी।

याचिका में तर्क दिया गया है कि शंकराचार्य निर्दोष हैं। राजनीतिक दुर्भावना के कारण उन्हें झूठे और घृणित मामले में फंसाने का षडयंत्र रचा गया है। इस मुकदमे के बहाने उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। वह पुलिस जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। लिहाजा, उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए।

 

 

Courtsyamarujala.com

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments