पत्नी का नंबर तक भूल गया
पूर्व मंत्री ने जेल के जीवन को बेहद कठिन बताया। उन्होंने कहा कि जेल में रहने से जिंदगी बदल गई। यहां तक कि मोबाइल चलाना तक भूल गया हूं। मुझे अपनी पत्नी का नंबर था उसे भी भूल गया हूं।
किसी के लिए कड़वाहट नहीं
जब उनसे पूछा गया कि जेल के दौरान कई बड़े नेता उनसे मिलने नहीं आए, तो आज़म खां ने कहा कि मेरे मन में किसी के लिए नाराजगी नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह खुश और आबाद रहें। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले जो लोग उन्हें नहीं पहचानते थे, अब दर्ज मुकदमों की वजह से सब जानने लगे हैं।
बसपा पर साफ जवाब
बसपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने दो टूक कहा कि हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज है। इसका मतलब यह नहीं कि हमारे पास कोई पद या ओहदा हो। लोग हमें प्यार करें, इज्जत दें और यह साबित हो कि हम बिकाऊ माल नहीं हैं, यही काफी है। मुरादाबाद के पूर्व सांसद एचटी हसन को लेकर उन्होंने कहा कि जब मैं अपने आदमी को टिकट नहीं दिला पाया, तो किसी और का टिकट कैसे कटवा सकता हूं।
मुकदमों पर बोले- इंसाफ मिलेगा
अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर आजम खां ने कहा कि अगर इन मुकदमों में दम होता तो आज मैं बाहर न होता। छोटी अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुझे न्याय की उम्मीद है। एक दिन मैं बेदाग साबित हो जाऊंगा।
नई सोच के साथ आगे बढ़ने का इशारा
आजम खां ने संकेत दिए कि जेल जाने के बाद उनका जीवन पहले जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अब वह एक नई सोच और नए नजरिए के साथ आगे बढ़ेंगे।