चार दिनों से आंदोलन पर बैठे छात्रों का बृहस्पतिवार को पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ गुस्सा भड़का तो उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) को पीछे हटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयोग के सचिव को आंदोलनकारी छात्रों के बीच आकर घोषणा करनी पड़ी कि पीसीएस परीक्षा पूर्व की भांति एक दिन में कराई जाएगी। वहीं, आरओ/एआरओ परीक्षा के लिए समिति गठित कर दी गई है।
भारी शोर-शराबे के बीच सचिव की इस घोषणा से कई छात्रों के चेहरे पर खुशी झलक पड़ी तो ज्यादातर इससे असंतुष्ट दिखे। छात्र अड़े हैं कि आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा भी पूर्व की भांति एक ही दिन में कराए जाने का नोटिस जारी किया जाए। वहीं, सचिव अशोक कुमार ने छात्रों को समझाया कि एक दिन की परीक्षा कराने पर विचार करने के उद्देश्य से ही कमेटी का गठन किया गया है।
आयोग के अनुसचिव ओंकार नाथ सिंह के अनुसार आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 के तहत चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, गुणधर्मिता व शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से सभी तथ्यों का समेकित अनुसंधान एवं विश्लेषण के लिए आयोग ने समिति का गठन किया है। यह समिति सभी पहलुओं पर विचार कर अतिशीघ्र अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
आयोग के इस निर्णय से पहले बृहस्पतिवार सुबह 7.30 बजे के आसपास पुलिस ने धरना स्थल से कई अभ्यर्थियों को उठा लिया। पुलिस की कार्रवाई में कई छात्राओं को चोटें आईं। आयोग की ओर से जाने वाले हर रास्ते पर दोहरी बेरिकेडिंग कर दी गई लेकिन गुस्साए छात्रों के आगे पुलिस की एक नहीं चली और हजारों छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर आयोग के गेट नंबर-दो तक पहुंच गए, जिसके बाद मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप पर आयोग को दो दिन की परीक्षा कराने का अपना फैसला वापस लेना पड़ा।
आयोग के पास इसके अलावा नहीं था कोई रास्ता



