कानपुर देहात के घाटमपुर के एक गांव में जन्मे 70 वर्षीय वीरेंद्र सेंगर पिछले करीब 43 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय थे। उन्होंने अमर उजाला में राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख के पद पर काम किया।
जाने माने पत्रकार और कई वर्षों तक अमर उजाला से जुड़े रहे वीरेंद्र सेंगर नहीं रहे। उत्तराखंड स्थित नौकुचियाताल में उनके निवास पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें तत्काल हल्द्वानी के सुशीला देवी राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कानपुर देहात के घाटमपुर के एक गांव में जन्मे 70 वर्षीय वीरेंद्र सेंगर पिछले करीब 43 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय थे। उन्होंने अस्सी के दशक के शुरुआती वर्षों में कानपुर और लखनऊ में साप्ताहिक शाने सहारा से शुरुआत की। इसके बाद वो दिल्ली में अमर उजाला कारोबार, चौथी दुनिया संडे मेल इन टीवी चैनल और अमर उजाला में राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख के पद पर काम किया। मेरठ के हाशिमपुरा मलियाना गोलीकांड और गुजरात दंगों की उनकी खोजी रिपोर्टिंग काफी चर्चित रही। उनके परिवार में उनकी पत्नी और पुत्री हैं। परिजन के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को नोएडा में किया जाएगा।
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