प्रयागराज। जनपद स्थित पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज के सभागार में दो दिवसीय मनोविज्ञान एवं निर्देशन विभाग मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा माध्यमिक शिक्षकों का संवेगात्मक बुद्धि कौशल संबंध संवर्धन का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज/मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश प्रयागराज के निदेशक पी एन सिंह उपस्थित रहे।सह जिला विद्यालय जितेंद्र प्रताप सिंह व राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मनोविज्ञानशाला के निदेशक पीएन सिंह ने उद्बोधन में कहा कि मनोविज्ञान,मन और व्यवहार का एक वैज्ञानिक अध्ययन है। यह न केवल छात्र-छात्राओं की मानसिक प्रक्रियाओं,जैसे विचारों,भावनाओं और प्रेरणाओं का अध्ययन करता है,बल्कि विभिन्न प्रकार के व्यवहारों पर भी केंद्रित है।मनोविज्ञान का उद्देश्य यह समझना है कि विद्यार्थी कैसा व्यवहार क्यों करते हैं,और इस ज्ञान का उपयोग व्यक्तिगत विकास, रिश्तों को सुधारने और सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए किया जा सकता है तथा अपनी भावनाओं के साथ-साथ दूसरे की भावनाओं को पहचानने और समझने की क्षमता को विकसित करनी होगी तभी हम सब का उपदेश उपयोगी होगा साथ ही इसके मूलभूत तत्वों को शिक्षकों के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाया जा सके। सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों से कहा कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता,व्यक्तिगत और व्यवसायिक जीवन से सफल होने,बच्चों के प्रति मजबूत रिश्ते बनाने और तनाव व संघर्ष से निपटने में मदद करता है। दो दिवसीय प्रशिक्षण में डॉ जय सिंह अ प्रोफेसर इलाहाबाद विश्वविद्यालय व मनोविज्ञानशाला की प्रवक्ता रिचा उपाध्याय एवं सौरव कुमार मास्टर ट्रेनर के रूप में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 50 से ज्यादा विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे। दो दिवशीय प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार सिंह,बी एस यादव प्रधानाचार्य तथा शिक्षक व प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

Anveshi India Bureau



