प्रयागराज। प्रख्यात भजन गायक एवं संगीतमय सुंदर कांड वाचक पंडित प्रेम प्रकाश दुबे ने शंभूनाथ इंस्टीट्यूशंस में अनेक भजनों के साथ रामायण एवं श्री हनुमान चालीसा की कई चौपाइयां सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शंभूनाथ अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज के सभागार में आयोजित इस भजन संध्या में शंभूनाथ इंस्टीट्यूशंस समूह की सभी संस्थाओं के निदेशक , प्रधानाचार्य , फैकल्टी , स्टाफ एवं छात्र छात्राओं के अलावा समाजसेवी विजय मिश्रा एवं कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


संस्था के सचिव कौशल कुमार तिवारी , प्रबंध निदेशक अभिषेक तिवारी , एसआईईटी के निदेशक डॉ आर के सिंह ने पुष्पगुच्छ , अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर पंडित दुबे जी एवं उनके साथियों का स्वागत किया।



इस अवसर पर अपने साथियों के साथ पंडित दुबे जी ने रामायण एवं श्री हनुमान चालीसा की कई ऐसी मोटिवेशनल चौपाइयां संगीतमय सुनाते हुए स्पष्ट किया कि सकारात्मक सोच , अच्छे व्यवहार को उत्पन्न करती है। उन्होंने हनुमान एवं रावण की इस बात से तुलना की कि रावण किसी काम को करते समय किसी से पूछता नहीं था जबकि हनुमान जी बिना पूछे कोई काम करते नहीं थे। उन्होंने सभागार में उपस्थित इंजीनियरिंग , फार्मेसी , मैनेजमेंट , लॉ, एजुकेशन एवं नर्सिंग कॉलेज आदि के विद्यार्थियों को इस तुलना के माध्यम से यह समझाने की कोशिश की कि इसीलिए रावण की दुर्दशा हुई और हनुमान जी पूजे जाते हैं। यही कारण है कि अच्छे बच्चे अपने माता पिता एवं गुरु से पूछकर कोई काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई गलत विचार मन में आए तो तुरंत उठकर टहलना चाहिए अथवा किसी अच्छे काम में लग जाना चाहिए।




गौरतलब है कि पंडित दुबे जी कुल 45 मिनट में पूर्ण सुंदर कांड का वाचन यानि सबसे कम समय में करने के लिए प्रख्यात हैं।
पंडित दुबे जी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को हर दिन एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ अपनी भारत माता के लिए करना चाहिए। वह स्वयं भी कोरोना के समय से इसपर अमल करते हैं।



