जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्रयागराज के 2023 बैच के प्रशिक्षुओं के लिए पाँच दिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 16 से 20 सितम्बर तक बड़े उत्साह और अनुशासनपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस शिविर का उद्देश्य प्रशिक्षुओं में आत्मनिर्भरता, सेवा-भाव, सहयोग और नेतृत्व कौशल का विकास करना रहा।
डायट प्राचार्य/उप शिक्षा निदेशक राजेंद्र प्रताप ने अपने संबोधन में कहा कि “स्काउट-गाइड प्रशिक्षण अनुशासन का प्रतीक है। यह न केवल जीवन में नई कौशल का विकास करता है, बल्कि आत्मनिर्भरता और सेवा-भाव को भी प्रोत्साहित करता है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है, और स्काउट-गाइड इसी दिशा में सबसे प्रभावी साधन है।”
शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं को विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ा गया। सुई-धागे से मरम्मत कार्य करना, लकड़ी व डंडों से अस्थायी तम्बू बनाना, घरेलू वस्तुओं का उपयोग करके समस्याओं का समाधान खोजना, तथा सीमित संसाधनों में जंगलों में भोजन पकाना जैसी उपयोगी विधियाँ सिखाई गईं। इन गतिविधियों ने प्रशिक्षुओं को न केवल आत्मनिर्भर बनने का अभ्यास कराया, बल्कि आपसी सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।
प्रशिक्षण का सबसे आकर्षक क्षण अंतिम दिवस रहा, जब प्रशिक्षुओं ने समूहों में मिलकर जंगल जैसी परिस्थितियों में भोजन निर्माण का अभ्यास किया। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं ने दिखाया कि “संकट में समाधान ही स्काउट की पहचान है।”
इस पाँच दिवसीय शिविर को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में स्काउट समन्वयक उषा कुशवाहा, मीरा सिंह और मनोज कुमार मौर्य की अहम भूमिका रही। उन्होंने पूरे समर्पण और समन्वय के साथ प्रशिक्षुओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर डायट प्रयागराज के प्रवक्ता डॉ. प्रसून सिंह, डॉ. अमित सिंह, डॉ. अंबालिका मिश्रा, विवेक त्रिपाठी, डॉ. राजेश पांडेय, शशांक सिंह, डॉ. अब्दुल मोहयी, पंकज यादव, विपिन सिंह, वीरभद्र प्रताप, कुलभूषण मौर्य, ऋचा राय, सुरभि सिंह, अखिलेश सिंह, वर्तिका कुशवाहा एवं निधि मिश्रा मौजूद रहे।
समापन समारोह में प्रशिक्षुओं ने संकल्प लिया कि वे स्काउट-गाइड प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को न केवल अपने जीवन में उतारेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी सेवा, सहयोग और अनुशासन की राह दिखाएँगे।
Anveshi India Bureau



