भ्रूण हत्या में मारी गई कन्याओं के मोक्ष के लिए अपराध बोध के साथ प्रयागराज के अरैल संगम तट पर में श्राद्ध तर्पण किया गया। अजन्मी कन्याओं का के निमित्त तर्पण करके उनकी मोक्ष की कामना की गई।
भ्रूण हत्या में मारी गईं कन्याओं के मोक्ष के लिए अपराध बोध के साथ प्रयागराज के अरैल संगम तट पर में श्राद्ध तर्पण किया गया। अजन्मी कन्याओं का के निमित्त तर्पण करके उनकी मोक्ष की कामना की गई। समाजसेवी पतविंदर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ संगम तट पर पहुंचकर पिंडदान कर मारी गई कन्याओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सिर्फ कन्या होने के अपराध में मां की कोख में ही मार दी गईं। बच्चियों की आत्मा की शांति के लिए ही धर्म कार्य किया गया। समस्त समाजसेवी,समाज सुधारक इस कृत्य के लिए स्वयं को एक बेचैन अपराध बोध से ग्रसित पाता है। श्राद्ध तर्पण में सरदार पतविंदर सिंह,संजय श्रीवास्तव,रविंद्र सिंह राजपाल,बाबूजी यादव,चंद्रभान यादव,हरमनजी सिंह,दलजीत कौर जैसे कई स्वयंसेवक-राष्ट्रभक्त साथ रहे।



