प्रयागराज। शंभूनाथ रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल, झलवा, प्रयागराज में चल रही आठ दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन “Health Assessment (स्वास्थ्य मूल्यांकन।” विषय पर प्रशिक्षण मंत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन विद्यांता स्किल इंस्टिट्यूट, गुरुग्राम के अनुभवी प्रशिक्षक देनी मित्री एवं मुधी फियोना कुरियाकोज़ द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोगी के शारीरिक, मानमिक और सामाजिक स्वास्थ्य का संपूर्ण मूल्यांकन करने की कला और विज्ञान में परिचित कराना था। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को ब्लड प्रेशर, नाडी, तापमान, श्वसन दर मापन जैसी बुनियादी नकनीकों के माथ-साथ निरीक्षण (Inspection), म्पर्श (Palpation), श्रवण (Auscultation) एवं थाप (Percussion) की विधियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने इन तकनीकों का अभ्यास करते हुए सीखा कि कैमे एक नर्म अपने क्लाइंट के मंपूर्ण स्वास्थ्य की मही और व्यवस्थित जांच कर सकती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने यह भी बनाया कि मटीक मूल्यांकन ही नर्सिंग प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमे रोगी की देखभाल में सटीकता और गुणवत्ता बढ़ती है। संस्थान के सचिव कौशल कुमार तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वास्थ्य मूल्यांकन नर्सिंग का आधार स्तंभ है; इस क्षेत्र में दक्षता विद्यार्थियों को एक कुशल नर्निंग प्रोफेशनल बनने की दिशा में अग्रसर करती है।” वहीं एस. आई.ई.टी. के निर्देशक डॉ. आर. के. सिंह ने कहा कि “ऐमे प्रशिक्षण विद्यार्थियों में न केवल तकनीकी दक्षता विकसित करते हैं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।



Anveshi India Bureau



