शहर के कटरा स्थित द पाम्स रिसोर्ट–रॉयल गार्डन (लक्ष्मी टॉकीज के सामने) में “विजन 2047 : विकसित भारत–विकसित प्रदेश” की थीम पर आयोजित ग्यारह दिवसीय प्रयागराज पुस्तक मेले ने बुधवार को अपने आधे सफर को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। मेले के सातवें दिन कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुंचे।
मेले के आयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि पुस्तक मेले में हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए पुस्तकों की व्यापक श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है। इसमें उपन्यास, बच्चों की कहानियां व कॉमिक्स, शैक्षिक पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं की गाइड, आत्मकथाएं, विज्ञान, इतिहास, धार्मिक ग्रंथ, कला और फोटोग्राफी से जुड़ी पुस्तकें शामिल हैं।
सह-आयोजक मनीष गर्ग के अनुसार, ठंड के बावजूद पाठकों की उत्साहजनक उपस्थिति बनी हुई है और प्रतिदिन संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
बुकवाला प्रकाशन के स्टॉल प्रतिनिधि शुभम ने बताया कि उनके स्टॉल पर उपन्यास, बच्चों की पुस्तकें और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित साहित्य उपलब्ध है। अमर चित्र कथा पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं और नक्सलवाद से संबंधित पुस्तकों पर भी विशेष छूट मिल रही है।

उन्होंने बताया कि केरल के सामाजिक विषयों पर आधारित पुस्तक अनटोल्ड केरल स्टोरी पाठकों के बीच चर्चा में बनी हुई है। इसके अलावा इलाहाबाद जंक्शन, बनिए नेटवर्क मार्केटिंग मिलियनेयर, कम्पटीटिव एग्ज़ाम का चक्रव्यूह कैसे तोड़े जैसी पुस्तकें भी खूब पसंद की जा रही हैं। जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास 1984 का हिंदी अनुवाद तथा आचार्य प्रशांत की पुस्तकें भी पाठकों को आकर्षित कर रही हैं।
प्रकाशन संस्थान, दिल्ली के स्टॉल पर महापुरुषों और विचारकों से संबंधित साहित्य विशेष रूप से चर्चा में रहा। यहां अंबेडकर विचारकोष, खलील जिब्रान विचारकोष, सरदार पटेल, सत्य के प्रयोग, जंगे आज़ादी में मुस्लिम समाज सहित कई महत्वपूर्ण कृतियां पाठकों की पसंद बनीं।
इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू की हिंदुस्तान की कहानी और हेंड्रिक विलेम वैन लून की मानव जाति का इतिहास की भी अच्छी मांग रही।
Anveshi India Bureau



