प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र के अक्षयवट मार्ग, संगम किला घाट सहित सभी विरासत बाजारों में वर्षों से आजीविका चला रहे परम्परागत स्थानीय फुटपाथ दुकानदारों ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नगर विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपा। दुकानदारों का आरोप है कि मेला प्राधिकरण के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों के इशारे पर स्थानीय पथ विक्रेताओं को हटाकर बाहरी दुकानदारों को अवैध रूप से स्थान दिया जा रहा है।

इस संबंध में आज़ाद स्ट्रीट वेंडर वेलफेयर यूनियन की अगुवाई में पीड़ित दुकानदारों ने सर्किट हाउस में नगर विकास मंत्री ए. के. शर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। यूनियन के प्रदेश महासचिव रवि शंकर द्विवेदी ने बताया कि पी.एम. स्वनिधि योजना के लाभार्थी एवं मूल निवासी दुकानदारों को उनके परम्परागत बिक्री स्थलों से हटाया जा रहा है, जबकि बाहरी दुकानदारों से अवैध वसूली की जा रही है।
मार्केट लीडर राधा रानी निषाद ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के दुकानदारों का सामान उठाया जा रहा है और न ही सामान जब्ती की कोई रसीद दी जा रही है। इससे गरीब दुकानदारों का रोजगार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
रवि शंकर द्विवेदी ने मंत्री को अवगत कराया कि प्रयागराज में लगने वाले माघ मेला, अर्धकुंभ एवं महाकुंभ मेलों में सैकड़ों वर्षों से स्थानीय परम्परागत दुकानदार—जैसे माला, फूल, प्रसाद, नारियल, चुनरी, बिंदी, चूड़ी, खिलौना, चाय, बाटी-चोखा एवं अन्य खाद्य सामग्री विक्रेता—अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। महाकुंभ मेले में सरकार की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा इन्हीं दुकानदारों को प्रशिक्षण एवं वर्दी प्रदान की गई थी, लेकिन अब उन्हीं को प्रताड़ित कर हटाया जा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण एवं विनियमन) अधिनियम 2014 की धारा 38 के अंतर्गत घोषित “प्राकृतिक बाजार (नेचुरल मार्केट)” में स्थानीय परम्परागत रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को हटाए बिना, पूर्व मेलों की भांति समायोजित किया जाए तथा अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इस अवसर पर पार्षद आनंद घिड़ियाल, कुसुमलता गुप्ता, आशीष द्विवेदी, शिव सेवक सिंह, रितेश द्विवेदी, राधा रानी निषाद, रवि शंकर, महंत लाल यादव, त्रिलोकी, मुकेश सोनकर, सविता देवी, मुन्ना लाल, राहुल निषाद, श्याम कली, लाल बाबू, रितेश श्रीवास्तव, अरविंद मिश्रा, पंकज, विनोद, रंजीत सोनकर सहित बड़ी संख्या में महिला दुकानदार उपस्थित रहीं।
Anveshi India Bureau



