प्रयागराज। अध्यात्म और तपस्या की पावन स्थली तीर्थराज प्रयाग में इस वर्ष आयोजित माघ मेला एक विशेष आध्यात्मिक गरिमा से परिपूर्ण होने जा रहा है। अनंत श्री विभूषित ज्योतिष्पीठाधीश्वर, उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज आगामी 13 जनवरी को विधि-विधान के साथ माघ मेला क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। उनके आगमन के साथ ही संगम तट स्थित ज्योतिष्पीठ शिविर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला प्रारंभ होगी।
माता ललिता देवी के क्षेत्र में शक्ति साधना
शंकराचार्य जी महाराज अपने प्रयाग प्रवास के दौरान इस वर्ष गुप्त नवरात्र का विशेष अनुष्ठान संपन्न करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रयाग माता भगवती ललिता देवी का सिद्ध शक्तिपीठ क्षेत्र माना जाता है। तंत्र एवं शक्ति साधना की दृष्टि से गुप्त नवरात्रों का विशेष महत्व होता है। वर्ष में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें दो प्रकट एवं दो गुप्त नवरात्र होते हैं। आषाढ़ एवं माघ मास में पड़ने वाले गुप्त नवरात्रों में साधक गोपनीय रूप से शक्ति उपासना करते हैं।
लोक कल्याण हेतु अनुष्ठान
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज द्वारा किया जाने वाला यह गुप्त नवरात्र अनुष्ठान राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सनातन धर्म की सुदृढ़ता एवं लोक कल्याण की भावना को समर्पित होगा। शक्तिपीठ ललिता देवी की पावन भूमि पर संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान साधकों एवं श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत प्रेरणास्पद रहेगा।
ज्योतिष्पीठ शिविर में प्रतिदिन सत्संग, प्रवचन तथा भगवती की विशेष आरती का आयोजन भी किया जाएगा।
यह जानकारी वी. के. शुक्ल, हाईकोर्ट (शिविर व्यवस्थापक/मीडिया प्रभारी, ज्योतिष्पीठ शिविर, माघ मेला, प्रयागराज) द्वारा दी गई।
Anveshi India Bureau



