लखनऊ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में वर्ष 2026-27 के सामान्य बजट तथा विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के उत्थान के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
राज्यमंत्री ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट बढ़ाकर 3402 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 से सभी पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है। इस वर्ष छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया 25 सितंबर से प्रारंभ कर दी गई और अब तक लगभग 20 लाख विद्यार्थियों को समय से पहले छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि अभिभावकों की आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। पूर्वदशम छात्रवृत्ति की राशि 2250 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। वर्ष 2026-27 में लगभग 38 लाख विद्यार्थियों को इस योजना से लाभान्वित किए जाने का अनुमान है। गरीब बेटियों के लिए संचालित शादी अनुदान योजना के तहत 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा आय सीमा को एक लाख रुपये वार्षिक तक बढ़ा दिया गया है। प्रदेश के 102 पिछड़ा वर्ग छात्रावासों के रखरखाव हेतु पहली बार 5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। साथ ही ट्रिपल सी एवं ‘ओ’ लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया गया है।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संबंध में उन्होंने बताया कि विभाग का बजट बढ़ाकर 2140 करोड़ रुपये कर दिया गया है। दिव्यांगजन पेंशन राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के सभी 18 मंडलों में दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीआरसी) स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए 7 करोड़ रुपये का प्रावधान है। दिव्यांग छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए 60 करोड़ रुपये की नई योजना शुरू की गई है।
इसके अतिरिक्त, चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय अब राज्य सरकार के अधीन आ गया है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 500 करोड़ रुपये बताई गई है।
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के पिछड़े एवं दिव्यांग वर्गों को सशक्त बनाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
Anveshi India Bureau



