Thursday, February 26, 2026
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UP :पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बोले- शंकराचार्य को सुनियोजित षड़यंत्र के तहत किया जा रहा अपमानित

बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सोची-समझी साजिश के फंसाया जा रहा है और उन्हें अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है।

बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को सोची-समझी साजिश के फंसाया जा रहा है और उन्हें अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि यह धर्म की नगरी है यहां पर कोई भी पाप नहीं टिक सकता। उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच कराकर एफआईआर को रद्द कर देना चाहिए। अलंकार अग्निहोत्री बुधवार को प्रयागराज पहुंचे। अपनी पार्टी के नाम की घोषणा करने के बाद वह पहली बार संगमनगरी पहुंचे और श्री बड़े हनुमानजी का आशीर्वाद लिया।

 

अलंकार ने कहा कि प्रयागराज में सिविल सेवा की तैयारी करते समय वह यहां हनुमानजी का दर्शन करने के लिए अक्सर आते थे। अब राजनैतिक क्षेत्र में नई पारी की शुरुआत करने पर वह बजरंग बली का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सर्व समाज के हित के लिए कार्य करेगी। कहा कि आज एससी-एसटी एक्ट पर और यूजीसी बिल पर बात करने के लिए कोई तैयार नहीं है। समाज के एक बड़े वर्ग की आवाज को उठाने के लिए कोई तैयार नहीं है। देश में लोकतंत्र खत्म हो रहा है। सवर्ण समाज की बात उठाने वाला कोई नहीं है। जनता के प्रतिनिधियों ने चुप्पी साध ली है।

बटुकों की चोटी पकड़ने वालों को मिले दंड

 

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार सही मायने में सनातन धर्म को मानने वाली है तो उसे बटुकों की चोटी पकड़कर पिटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कहा कि बटुकों का चोटी खींचना कहा का नियम है। सोची समझी साजिश के तहत शंकराचार्य को फंसाया जा रहा है। इसका जवाब जरूर मिलेगा। यह धर्म की नगरी है यहां पर पाप टिक नहीं सकता। गोतस्करी, दुष्कर्म का अपराधी शंकराचार्य को अपमानित करने का दुस्साहस कर रहा है। यह सनातन धर्म पर प्रहार है। जो खुद हिस्ट्रीशीटर रहा हो वह दूसरे पर कैसे आरोप लगा सकता है। आरोप लगाने वाले की आपराधिक पृष्टभूमि की जांच होनी चाहिए, ताकि वह भविष्य में किसी पर इस तरह का लांछन लगाकर अपमानित नहीं कस सके।

 

 

 

Courtsyamarujala.com

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