इनर रिंग रोड के दूसरे फेज को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारियां शुरू हो गई है। इसी कड़ी में भूमि अधिग्रहण को लेकर सर्वे का काम शुरू हो गया है।
इनर रिंग रोड के दूसरे फेज को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तैयारियां शुरू हो गई है। इसी कड़ी में भूमि अधिग्रहण को लेकर सर्वे का काम शुरू हो गया है। दूसरे फेज में चार तहसीलों की 300 हेक्टेयर भूमि को अधिग्रहित किया जाएगा। वहीं तीन महीने के भीतर दूसरे फेज का डीपीआर तैयार कर हो जाएगा।
एनएचएआई की तरफ से दूसरे फेज में 48 किलोमीटर की रोड का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए प्रयागराज जनपद की सदर, सोरांव, करछना और कौशाम्बी की चायल तहसील के करीब 25 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। ऐसे में करीब तीन महीने के भीतर भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद डीपीआर को मंजूरी मिलते ही दूसरे फेज का काम शुरू हो जाएगा। दो साल में दूसरे फेज का काम पूरा किया जाना है।
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दूसरे फेज के काम
गंगा पर 3.5 किमी और यमुना पर 1.2 किमी का पुल, चार फ्लाईओवर, तीन आरओबी और 120 छोटे अंडरपास का निर्माण किया जाना है।
कितना काम हुआ पूरा
पैकेज तीन -रीवा रोड (मिर्जापुर रोड) से एसनएच-2 (सहसों बाईपास) तक सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। जिसमें लवायन कला से शुरू होकर सहसों बाईपास तक लगभग 29.466 किमी का की सड़क का काम पूरा हो चुका है। इनमें कई अंडरपास और फ्लाईओवर शामिल हैं।
पैकेज दो- नैनी और झूंसी को जोड़ने वाला सिक्स-लेन ब्रिज (पुल) और उससे जुड़ी सड़क का निर्माण किया जाना है। जिसमें गंगा नदी पर लगभग 3.2 किमी लंबा पुल का निर्माण करीब 51 फीसदी पूरा हो चुका है।
दूसरे फेज को लेकर भूमि अधिग्रहण की तैयारियां शुरू हो गई है। जिसके लिए चार तहसील की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। वहीं तीन महीने के भीतर डीपीआर तैयार हो जाएगा। – एसके सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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