प्रयागराज, 1 मार्च 2026। महाराजा अग्रसेन स्मृति न्यास, प्रयागराज की प्रथम औपचारिक बैठक रविवार को जीरो रोड स्थित होटल नवीन कॉन्टिनेंटल में सम्पन्न हुई। बैठक में कुल 51 ट्रस्टीयों के निर्धारित बोर्ड का विधिवत गठन किया गया तथा न्यास की भावी योजनाओं, निर्माण कार्य और संगठन विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए 200 आजीवन सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह लक्ष्य सभी 51 ट्रस्टीयों को सौंपा गया है, जो अपने-अपने स्तर पर समाज के परिवारों से संपर्क कर उन्हें न्यास से जोड़ेंगे।
इस अवसर पर प्रथम न्यासी मंडल के पदाधिकारियों की घोषणा की गई। संरक्षक सदस्य के रूप में (सीए) आर. के. अग्रवाल, महादेव प्रसाद अग्रवाल, स्क्वाड्रन लीडर वी. के. मित्तल एवं डॉ. बी. बी. अग्रवाल को दायित्व सौंपा गया। पियूष रंजन अग्रवाल को अध्यक्ष, हरीश चन्द्र अग्रवाल (बिल्लू भैया) को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मनोज अग्रवाल को महामंत्री, आदेश गोयल को मंत्री तथा प्रमय मित्तल को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
उपाध्यक्ष पद हेतु विपुल मित्तल, गौरव मोहन, अजय अग्रवाल, शशांक जैन एवं (सीए) अमित अग्रवाल को जिम्मेदारी दी गई। सह मंत्री के रूप में आशीष गोयल, अंकुर अग्रवाल, अनुप अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल एवं अभिषेक मित्तल को नियुक्त किया गया। संयुक्त कोषाध्यक्ष के रूप में (सीए) मनोज अग्रवाल एवं (सीए) सुमित अग्रवाल को मनोनीत किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही विधिवत भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारम्भ होगा। प्रस्तावित परिसर में दो विशाल सभागार, लगभग 60 सुसज्जित कक्ष, पार्किंग व्यवस्था, भोजनालय, बहुउद्देशीय कक्ष, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त संरचना विकसित की जाएगी। साथ ही महाराजा अग्रसेन जी एवं माता लक्ष्मी जी का भव्य मंदिर भी स्थापित किया जाएगा।
न्यास के अध्यक्ष पियूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि यह संगठन समाज की एकजुटता और सेवा भावना का प्रतीक है तथा सभी के सहयोग से यह परियोजना शीघ्र साकार होगी। मीडिया प्रभारी मनीष गर्ग ने बैठक को समाज के लिए मजबूत नींव बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि 200 आजीवन सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य अभियान को नई गति देगा।
बैठक में उपस्थित ट्रस्टीयों ने एकमत से विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल समाज की एकता, सेवा भावना और सांस्कृतिक गौरव को नई दिशा प्रदान करेगी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी धरोहर सिद्ध होगी।
Anveshi India Bureau



