फुलवा (प्रयागराज), 28 फरवरी 2026। राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत एवं स्वराज बाल विज्ञान खोजशाला के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर फुलवा गांव में भव्य बाल विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। मेले में 50 विद्यालयों के 300 से अधिक बाल वैज्ञानिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कुल 186 विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए।
मेले में प्रदर्शित मॉडलों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक उपयोगिता को देखकर मूल्यांकनकर्ताओं ने कहा कि यदि विज्ञान का वास्तविक प्रभाव देखना हो, तो फुलवा आकर देखा जा सकता है। बच्चों की वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार ने उपस्थित जनसमूह को विशेष रूप से प्रभावित किया।
मॉडलों का मूल्यांकन Ewing Christian College के विशेषज्ञों — डॉ. उमेश कुमार यादव, डॉ. प्रशांत कुमार खंडई, डॉ. प्रियंका विनी लाल एवं डॉ. सूरज गुणवंत — द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पियूष खरे रहे। विशिष्ट अतिथियों में ईसीसी के भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार पाठक, राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत के एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी डॉ. संतोष कुमार शुक्ला एवं डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह शामिल रहे।
उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत ईसीसी प्रयागराज द्वारा गोद लिए गए फुलवा गांव में आयोजित इस मेले को देखने के लिए कॉलेज के 40 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने बाल वैज्ञानिकों के नवाचारों से प्रेरणा लेते हुए देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया।

विज्ञान मेले के संयोजक एवं उन्नत भारत अभियान, ईसीसी के संयोजक डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया कि फुलवा गांव में विज्ञान दिवस पर मेला प्रतिवर्ष आयोजित होता है, किंतु इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत के साथ संयुक्त आयोजन के कारण प्रतिभागियों की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है।
मेले के सफल आयोजन में स्वराज बाल विज्ञान खोजशाला के निदेशक श्री सुरेन्द्र कुमार एवं उनके सहयोगी श्री आलोक कुमार का विशेष योगदान रहा। आयोजन के दौरान उत्कृष्ट मॉडलों के लिए बाल वैज्ञानिकों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों के अतिरिक्त आसपास के 10 से अधिक गांवों एवं शहर से लगभग 500 बच्चे, ग्रामीणजन और अभिभावक उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में विज्ञान के प्रति जागरूकता और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
फुलवा गांव में आयोजित यह विज्ञान मेला ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा।
Anveshi India Bureau



