संगमनगरी का प्रयागराज जंक्शन अब केवल ट्रेनों के आवागमन का केंद्र नहीं, बल्कि शहर का सबसे बड़ा कॉमर्शियल हब बनने जा रहा है।
संगमनगरी का प्रयागराज जंक्शन अब केवल ट्रेनों के आवागमन का केंद्र नहीं, बल्कि शहर का सबसे बड़ा कॉमर्शियल हब बनने जा रहा है। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने जंक्शन की नई स्टेशन बिल्डिंग के तीसरे से नौवें फ्लोर तक के हिस्से को व्यावसायिक उपयोग के लिए लीज पर देने की कवायद शुरू कर दी है ताकि मॉल और होटल समेत अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हो सकें। इसके लिए ई-निविदा (ई-टेंडर) जारी कर दिया गया है।
इस परियोजना के तहत करीब 2.03 लाख वर्ग फीट हिस्सा निर्मित क्षेत्रफल को 45 वर्षों के लिए लीज पर दिया जाएगा। निजी निवेशक यहां आधुनिक मॉल, लग्जरी होटल, मल्टीनेशनल कंपनियों के कार्यालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित कर सकेंगे। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए 130 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य तय किया है।
यह पूरा प्रोजेक्ट राजस्व साझाकरण मॉडल पर आधारित होगा। इसमें रेलवे को कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। बता दें कि नए भारत के नए स्टेशन के रूप में विकसित हो रहे प्रयागराज जंक्शन के ग्राउंड से सेकंड फ्लोर तक का इस्तेमाल रेलवे सिर्फ यात्रियों के लिए ही करेगा।
17 मार्च को होगी प्री-बिड मीटिंग
* परियोजना में रुचि रखने वाली कंपनियों के लिए 17 मार्च को सुबह 11:30 बजे आरएलडीए मुख्यालय में प्री-बिड बैठक बुलाई गई है। निवेशक अपनी ई-बिड 23 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा जंक्शन
* बहुस्तरीय फुटओवर ब्रिज और दो-स्तरीय स्काईवॉक।
* विशाल कॉनकोर्स और आधुनिक आगमन भवन।
* सिविल लाइंस और शहर के अन्य हिस्सों से सीधी व सुगम कनेक्टिविटी।
* वाहनों के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित पार्किंग।
इस योजना से स्टेशन परिसर का बेहतर उपयोग होगा। यात्रियों को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और रेलवे को दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त होगा। – अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल।
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