Khorramshahr-4 Missile Power: ईरान की 4000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता ने वैश्विक सुरक्षा को नई चुनौती दी है। ऐसे में इससे यूरोप तक खतरा बढ़ गया है। नाटो देशों की रणनीति भी बदल रही है। डिएगो गार्सिया जैसे दूरस्थ सैन्य ठिकाने भी अब सुरक्षित नहीं रहे। आइए जानते ये मिसाइल कितनी ताकतवर है। कैसे इसने युद्ध की रणनीति बदल दी। आखिर क्यों अब ट्रंप युद्ध को खत्म करने की बात करने लगे हैं। आइए, विस्तार से समझते हैं।
ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर सामने आई नई जानकारी ने वैश्विक सुरक्षा समीकरण को हिला दिया है। 4000 किलोमीटर तक मार करने वाली क्षमता ने यह साफ कर दिया है कि अब यह संघर्ष सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहा। इस एक घटनाक्रम ने दुनिया के बड़े हिस्से, खासकर यूरोप को भी संभावित खतरे के दायरे में ला दिया है।
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इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान की मिसाइलें वास्तव में 4000 किलोमीटर तक पहुंच सकती हैं, तो पेरिस और लंदन जैसे बड़े यूरोपीय शहर भी इसकी जद में आ सकते हैं। इससे नाटो देशों की सोच बदल रही है, क्योंकि अब तक इस संघर्ष को क्षेत्रीय माना जा रहा था, लेकिन अब यह वैश्विक सुरक्षा का मुद्दा बनता दिख रहा है।
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