मां कल्याणी देवी मंदिर धाम में चल रहे नवरात्रि महोत्सव के तृतीय दिवस पर प्रातःकाल 5 बजे महामंत्री श्याम जी पाठक ने मां कल्याणी देवी का मंगला आरती कर माता चंद्रघंटा का आह्वान किया। तत्पश्चात भक्तों ने दोपहर 1 बजे तक मां का दर्शन पूजन किया। और शाम 6 से 12 बजे रात्रि दूर-दूर से आए भक्तों ने 10 भुज धारण करने वाली माता चंद्रघंटा का श्रृंगार दर्शन किया और मैया को चुनरी नारियल चढ़ाई शाम को 7:00 बजे अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक ने माता चंद्रघंटा का महा आरती एवं रात्रि 12:00 बजे शयन आरती की ।

और उन्होंने बताया कि नवरात्रि के चतुर्थी दिवस रविवार को मां कल्याणी आठ भुजाओं वाली हाथों में अस्त्र शास्त्र धारण कर माता कुष्मांडा का श्रृंगार दर्शन किया जाएगा जिनका श्रृंगार सोने चांदी के आभूषणों और बेला गुलाब के पुष्पों से होगा और मां गर्भगृह का श्रृंगार फूलों और फलों से किया जाएगा।
इस अवसर मंदिर प्रांगण में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में दूर-दूर से आए भक्तगण शामिल हुए और पूजन हवन कर यज्ञशाला की परिक्रमा की इस दौरान
महिलाओं ने मां को रिझाने के लिए भजन कीर्तन गीत गाए।
मेले के प्रबंध व्यवस्था में अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक महामंत्री श्याम जी पाठक, दिलीप पाठक, अनिल पाठक सहित सैकड़ों स्वयंसेवक और पुलिस के जवान देर रात्रि तक लगे रहे।और शाम 7 बजे मां कल्याणी देवी मंदिर के अंतर्गत श्री नवसंवत्सर मानस समिति के द्वारा आयोजित श्री राम के तृतीय दिवस पर कथा वाचक डा अनिरुद्ध जी महाराज ने कथा का व्याख्यान करते हुए कहा कि श्री राम की मर्यादा शौर्य और संयम मनुष्य के लिए किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि श्री राम ने रावण जैसे महा राक्षस को भी दुरावचन नहीं कहा और अंतिम क्षण तक उसे समझाने का प्रयास किया।
कथा का संचालन प्रवक्ता पंडित ओंकारनाथ त्रिपाठी ने किया ।
इस अवसर पं कृष्ण कुमार पाठक, राजेश केसरवानी, कुंवर जी टंडन,शिव बाबू त्रिपाठी, राकेश चौरसिया,राजू यादव, ने सैकड़ो भक्तों के संग आरती किया।
Anveshi India Bureau



