Thursday, March 26, 2026
spot_img
HomeUttar Pradesh‘बालवाटिका नवारंभ उत्सव’ से नन्हें कदमों को मिली नई उड़ान

‘बालवाटिका नवारंभ उत्सव’ से नन्हें कदमों को मिली नई उड़ान

प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार द्वारा ‘बालवाटिका नवारंभ उत्सव’ का आयोजन बालवाटिका (को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्र) युक्त विद्यालयों में उत्साहपूर्वक किया गया। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों के शैक्षिक जीवन की सहज, आनंददायक और प्रेरक शुरुआत को सुनिश्चित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विकासखंड सरोजनीनगर के ग्राम रामचौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा और महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला, जहां नन्हें बच्चों ने खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया को अपनाया।

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि 3 से 6 वर्ष की आयु बच्चों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण शिक्षण चरण होता है। ‘नवारंभ उत्सव’ का उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका को प्रारंभिक अवस्था से ही विद्यालय से जोड़ना है, ताकि वे नियमित रूप से शिक्षा ग्रहण कर सकें और आगे की कक्षाओं में सहज प्रगति कर सकें।

महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि खेल आधारित शिक्षण, स्व-अधिगम (Self Learning) और सक्रिय अधिगम (Active Learning) की पद्धतियों के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास, जिज्ञासा और रचनात्मकता को प्रारंभिक स्तर से ही सशक्त किया जा रहा है।

उत्सव का प्रमुख आकर्षण ‘रेत पर लेखन’ गतिविधि रही, जिसमें 3 से 4 वर्ष के बच्चों ने खेल-खेल में अक्षर और अंक सीखने का आनंद लिया। इस नवाचारी पद्धति ने सीखने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बना दिया, जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित हुई।

कार्यक्रम के दौरान 58 बच्चों को गिफ्ट हैम्पर वितरित किए गए, जबकि 25 बच्चों को नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यपुस्तकें प्रदान की गईं। अधिकारियों द्वारा स्वयं बच्चों को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

इस पहल के तहत 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने के साथ ही 6 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों के कक्षा 1 में प्रवेश को सरल और आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालयों में प्रिंट-समृद्ध वातावरण, लर्निंग कॉर्नर और विविध शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे बाल शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बना। यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने के साथ-साथ विद्यालय, अभिभावक और समाज के बीच समन्वय को भी सुदृढ़ कर रही है।

Anveshi India Bureau

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments