उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में वृहद ऋण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्रियों ने जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, लखनऊ द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी वित्त पोषण सहायता योजना, ओडीओपी टूलकिट योजना तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई।

शिविर में 112 लाभार्थियों को लगभग 370 करोड़ रुपये के ऋण के चेक वितरित किए गए, जबकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के प्रशिक्षार्थियों को उन्नत टूलकिट देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया।
मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अधिकतम पात्र लोगों तक पहुंचाने में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
वहीं मंत्री राकेश सचान ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में बड़े स्तर पर ऋण वितरण कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, एमएसएमई इकाइयों और हस्तशिल्पियों को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष 1.5 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 1.36 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ा जा चुका है।
मंत्री ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’ पहल ने प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कारीगरों और युवाओं को प्रशिक्षण, टूलकिट और सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार प्रत्येक जनपद में रोजगार एवं औद्योगिक जोन विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में उद्यमी एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।



