Wednesday, May 29, 2024
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Navratri 2024 : आभूषणों से सजी मां कूष्मांडा की झांकियां, देवी मंदिरों में लगे जयकारे

Vasantik Navratri 2024 : वासंतिक नवरात्र में दुर्गा के चौथे स्वरूप चंद्रघंटा की झांकियों के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। भोर में मंगला आरती हुई। इसके बाद मंदिरों के कपाट खोल दिए गए। मीरापुर स्थित शक्तिपीठ मां देवी ललिता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रात तक उमड़ती रही।

नौ दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की झांकियां शुक्रवार को भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। माता का रत्न जड़ित आभूषणों से शृंगार किया गया। मां की झलक पाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मां कल्याणी देवी और मां ललिता देवी धाम में सुबह से शाम तक घंटे-घड़ियाल के बीच जयकारे गूंजते रहे।

वासंतिक नवरात्र में दुर्गा के चौथे स्वरूप चंद्रघंटा की झांकियों के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। भोर में मंगला आरती हुई। इसके बाद मंदिरों के कपाट खोल दिए गए। मीरापुर स्थित शक्तिपीठ मां देवी ललिता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रात तक उमड़ती रही। रात 12 बजे महाआरती में तिल रखने की जगह नहीं बची। पुजारी पं. शिव मूरत मिश्र के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंगला आरती की गई।

Navratri 2024 Maa Kushmanda decorated with ornaments chaitra navratri

मां कूष्मांडा के स्वरूप की झांकी सजाई गई। रंग-बिरंगे फूलों, आभूषणों से देवी का शृंगार किया गया। मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ, शतचंडी पाठ के अलावा कई अनुष्ठान हुए। समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा भक्तों को सहज दर्शन कराने की व्यवस्था में खुद लगे रहे। महामंत्री धीरज नागर ने सुमित श्रीवास्तव व अन्य पदाधिकारियों के साथ व्यवस्था संभाली।

इसी तरह कल्याणी देवी मुहल्ले में शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी के मंदिर में सुबह से ही नाैचंडी और दुर्गा शप्तसती पाठ आरंभ हो गए। मंदिर में जगह-जगह जप, ध्यान में श्रद्धालु लीन रहे। मां का मंडप फूलों से सजाया गया। पुजारी श्यामजी पाठक ने व्यवस्था संभाली। इस दौरान विश्व शांति के लिए मां के दरबार में भक्तों ने आराधना की।

Navratri 2024 Maa Kushmanda decorated with ornaments chaitra navratri

अलोपशंकरी धाम में गूंजे जयकारे

अलोपीबाग में स्थित शक्तिपीठ अलोपीदेवी धाम में भी शुक्रवार को विविध अनुष्ठान हुए। दिन भर मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। जगह-जगह अनुष्ठान होते रहे। महंत यमुनापुरी महाराज ने मंगला आरती की। इस दौरान गर्भगृह परिसर और पालकी को फूलों से सजाया गया। परिसर में शतचंडी पाठ, यज्ञ हुए।

 

Courtsyamarujala.com

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