वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा। उन्होंने कहा यह कार्रवाई लोकतंत्र या ड्रग्स नहीं, तेल हितों से प्रेरित है।
वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है। पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोला है। हैरिस ने कहा कि यह कदम न तो ड्रग तस्करी रोकने के लिए है और न ही लोकतंत्र की रक्षा के लिए, बल्कि इसके पीछे तेल हित हैं।
‘तेल की जंग, लोकतंत्र का बहाना’
कमला हैरिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वेनेजुएला में ट्रंप की कार्रवाई अमेरिका को न तो ज्यादा सुरक्षित बनाती है और न ही मजबूत। उन्होंने कहा मादुरो एक क्रूर और अवैध तानाशाह हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह कार्रवाई सही या कानूनी है। हमने पहले भी ऐसा देखा है तेल या सत्ता परिवर्तन के नाम पर शुरू की गई जंग, जो अंत में अराजकता बन जाती है।
हैरिस ने चेतावनी दी कि जबरन सत्ता परिवर्तन की नीति से पूरा क्षेत्र अस्थिर हो सकता है और इससे अमेरिकी सैनिकों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के पीछे न तो कोई स्पष्ट कानूनी आधार है और न ही कोई एग्जिट प्लान।
न्यूयॉर्क के मेयर ने बताया ‘युद्ध जैसी कार्रवाई’
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने भी मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे युद्ध जैसा कदम और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। एक्स पर पोस्ट करते हुए ममदानी ने कहा कि उन्हें अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर न्यूयॉर्क लाने और संघीय हिरासत में रखने की जानकारी दी गई है।
उनका कहना था कि किसी संप्रभु देश पर एकतरफा हमला करना युद्ध की श्रेणी में आता है और यह अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। मेयर ममदानी ने चेतावनी दी कि इस कदम के न्यूयॉर्क में रहने वाले हजारों वेनेजुएलाइयों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
तेल भंडार पर ट्रंप की नजर?
मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने बयान दिया कि अमेरिका अब वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों को अपने नियंत्रण में लेगा। गौरतलब है कि वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है, जो दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडारों में से एक है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वहां निवेश कर तेल क्षेत्र का पुनर्निर्माण करेंगी।
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