Monday, April 20, 2026
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Upbhokta Ayog : मंगलसूत्र का बार-बार टूटना गुणवत्ता में कमी, ज्वेलर्स नई कीमत चुकाए

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कहा कि आभूषण का बार-बार टूटना गुणवत्ता में कमी को दर्शाता है। ऐसे में ज्वेलर्स ग्राहक को मंगलसूत्र की नई कीमत चुकाए।

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कहा कि आभूषण का बार-बार टूटना गुणवत्ता में कमी को दर्शाता है। ऐसे में ज्वेलर्स ग्राहक को मंगलसूत्र की नई कीमत चुकाए। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम व सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने चार साल में चार बार मंगलसूत्र टूटने पर प्रयागराज के अल्लापुर की ममता गुप्ता की ओर से दायर परिवाद पर दिया है।

ममता ने 18 अप्रैल 2018 को सिविल लाइंस स्थित ज्वेलर्स से 22.50 कैरेट के सोने का मंगलसूत्र खरीदा था। उसका वजन 12.320 ग्राम बताया गया था। उस समय के सोने के भाव पर 38,601 रुपये का भुगतान किया। याची कहना है कि मंगलसूत्र पहनने के महज तीन महीने में ही टूट गया। शिकायत पर दुकानदार ने कमजोर कड़ी बताकर उसकी मरम्मत की और 500 रुपये चार्ज लिए पर रसीद नहीं दी। इसके बावजूद मंगलसूत्र बार टूटा। बार-बार टूटने से ममता उसे पहनने से भी डरने लगीं।

ममता ने 2022 में उसे बदलने की मांग की तो ज्वेलर्स ने इन्कार कर दिया। दोबारा मरम्मत की बात कहते हुए 210 रुपये भी ले लिए। वहीं, 10 दिन बाद मंगलसूत्र फिर टूटा तो मौजूदा सोने के भाव के अनुसार पूरी कीमत लौटाने की मांग की तो ज्वेलर्स ने 20 प्रतिशत राशि काटने की शर्त रख दी। जबकि ऐसी किसी शर्त का उल्लेख बिल या कैश मेमो में नहीं किया गया था।

मामला आयोग में पहुंचने पर ज्वेलर्स की ओर से दलील दी गई कि मंगलसूत्र ग्राहक के उपयोग के कारण टूटा और उसमें निर्माण दोष नहीं था। हर बार मंगलसूत्र की मरम्मत कर उपभोक्ता की मदद की। नियमों के अनुसार सोने की कीमत लौटाने पर 20 प्रतिशत कटौती की जाती है। वहीं, दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने माना कि ज्वेलर्स उपभोक्ता को संतोषजनक सेवा देने में विफल रहा। ऐसे में ज्वेलर्स दो माह में मंगलसूत्र वापस लेकर उसमें प्रयुक्त सोने के वजन के अनुसार वर्तमान बाजार मूल्य (मेकिंग चार्ज काटकर) का भुगतान करे। साथ ही 5,000 रुपये मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति और 2,000 रुपये वाद व्यय भी अदा करे।

 

 

Courtsyamarujala.com

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