उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी (SLEC) की बैठक में 33 परियोजना प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। इन प्रस्तावों के सापेक्ष लगभग ₹57 करोड़ के अनुदान की स्वीकृति प्रदान की गई है। समिति द्वारा सभी स्वीकृत प्रस्तावों के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जाने का अनुमोदन भी दिया गया।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त परियोजना प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, स्थापित इकाइयों से संबंधित सब्सिडी प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के क्रियान्वयन पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के माध्यम से प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करना सरकार की प्राथमिकता है।
राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में एपीसी सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कुल 35 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 33 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के उपरांत समिति ने सहमति प्रदान की।
एसएलईसी द्वारा जनपद अम्बेडकरनगर (01), अलीगढ़ (02), आगरा (03), कानपुर नगर (03), कानपुर देहात (01), कासगंज (01), गाजियाबाद (01), चित्रकूट (01), जौनपुर (01), गौतम बुद्ध नगर (01), पीलीभीत (01), बरेली (04), बाराबंकी (01), बस्ती (01), बुलंदशहर (01), मेरठ (01), लखनऊ (03), शाहजहांपुर (01), सहारनपुर (02), सीतापुर (01), सुलतानपुर (01) एवं सोनभद्र (01) सहित कुल 33 प्रस्तावों के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की स्वीकृति दी गई।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वृद्धि से न केवल कृषकों की आय में बढ़ोतरी होगी, बल्कि प्रदेश के 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की प्राप्ति में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नीति के अंतर्गत सफल निवेशकों की सफलता कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे युवाओं एवं स्टार्ट-अप्स को प्रेरणा मिले।
अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा ने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 के अंतर्गत जनपद बरेली 29 स्वीकृत परियोजनाओं के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है, जबकि रामपुर 22 परियोजनाओं के साथ द्वितीय तथा कानपुर नगर 21 परियोजनाओं के साथ तृतीय स्थान पर है।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि स्थापित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में स्थानीय कृषकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, विशेषकर कच्चे माल की आपूर्ति के माध्यम से, जिससे गांव-गांव तक औद्योगिक समन्वय पहुंचे और किसानों की आय में सतत वृद्धि हो।
Anveshi India Bureau



