Wednesday, May 29, 2024
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आरओ-एआरओ पेपर लीक प्रकरण में बड़ा खुलासा : नैनी के आरोग्यम हॉस्पिटल में अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे उत्तर

परीक्षा से पहले इन सभी से लाखों रुपये एडवांस में लिए गए। इसके बाद इन्हें दो अलग-अलग ग्रुपों में बांटा गया। एक ग्रुप के अभ्यर्थियों को औद्योगिक क्षेत्र स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में ले जाकर पेपर के उत्तर रटवाए गए। दूसरे ग्रुप के लड़कों को डॉ.शरद सिंह से संपर्क करने के लिए कहा गया।

एसटीएफ के मुताबिक, अमित ने बताया कि वह गोमतीनगर में काॅमर्स की कोचिंग चलाता था। उसी दौरान दीपक दुबे निवासी बलिया के माध्यम से उसका संपर्क राजीव नयन से हुआ। उसने पुलिस भर्ती व आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा में पेपर आउट कराने की बात कहकर अभ्यर्थियों की व्यवस्था करने को बोला था। साथ ही यह भी कहा था कि सभी अभ्यर्थियों को लखनऊ और प्रयागराज में पेपर का उत्तर रटवा दिया जाएगा।

परीक्षा से पहले इन सभी से लाखों रुपये एडवांस में लिए गए। इसके बाद इन्हें दो अलग-अलग ग्रुपों में बांटा गया। एक ग्रुप के अभ्यर्थियों को औद्योगिक क्षेत्र स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में ले जाकर पेपर के उत्तर रटवाए गए। दूसरे ग्रुप के लड़कों को डॉ.शरद सिंह से संपर्क करने के लिए कहा गया। इसके बाद लखनऊ बुलाकर डॉ.शरद ने प्लासियो माॅल के पास अभ्यर्थियों को अपनी वरना व अन्य काराें में बैठाकर दो घंटे तक उत्तर रटवाए और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।

एसटीएफ का दावा- राजीव नयन को मालिक भी बताया

आरोग्यम हॉस्पिटल औद्योगिक क्षेत्र के महुवारी गांव में स्थित है। प्रयागराज-मिर्जापुर के किनारे पर स्थित इस अस्पताल के वर्तमान मालिक डॉ.प्रभाकर सिंह हैं। 15 मार्च काे आरओ/एआरओ पेपर लीक प्रकरण में राजीव नयन का नाम आने के बाद ही यह चर्चा तेज हो गई थी कि अस्पताल में उसकी पार्टनरशिप है। हालांकि डॉ. प्रभाकर ने तब इससे साफ इन्कार किया था। कहा था कि यह अस्पताल उनका है और उन्होंने इसे नौ साल पहले बनवाया था।

चार साल पहले तक अस्पताल में आने वाले डॉ.नीरज मिश्रा के साथ राजीव नयन कभी-कभी आया करता था। बाद में डॉ. नीरज ने आना बंद किया तो फिर राजीव नयन कभी नहीं आया। उन्होंने यह भी बताया था कि करीब ढाई साल पहले एसटीएफ ने अस्पताल में आकर उनसे पूछताछ भी की थी। हालांकि, अमित के बयान के संबंध में एसटीएफ के दावे को लेकर उनसे शुक्रवार को पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उनका नंबर भी पहुंच से बाहर रहा।

10 फरवरी की शाम मिली है लोकेशन

सूत्रों का कहना है कि आरओ/एआरओ परीक्षा से ठीक एक दिन पहले अमित आरोग्यम अस्पताल के पास पहुंचा था। 10 फरवरी की शाम से देर रात तक उसकी लोकेशन उसी क्षेत्र में मिली है। सुबह वह लखनऊ के लिए निकल गया।

अमर उजाला ने पहले ही किया था खुलासा

अमर उजाला ने दो दिन पहले ही इस बात का खुलासा किया था कि आरओ/एआरओ परीक्षा पेपर लीक प्रकरण का मास्टरमाइंड भी मेजा निवासी राजीव नयन ही है। इस खबर में बताया गया था कि एसटीएफ की अब तक कि जांच में पेपर लीक के पूरे प्रकरण में अंतिम नाम राजीव नयन के रूप में ही सामने आया है। इससे पहले सिपाही भर्ती पेपर लीक प्रकरण के खुलासे के बाद 16 मार्च के अंक में खबर प्रकाशित कर यह भी बताया था कि औद्योगिक क्षेत्र स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल से भी उसका नाम जुड़ा रहा है।

कौशाम्बी पुलिस को सौंपा गया
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने अमित को कौशाम्बी के मंझनपुर थाने की पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कौशाम्बी में इसी साल 15 फरवरी को भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में बर्खास्त सिपाही अरुण सिंह व सौरभ का नाम आया और फिर मास्टरमांड राजीव नयन का नाम खुला। अमित को भी इसी मुकदमे में गिरफ्तार किया गया है। प्रभारी निरीक्षक मंझनपुर संताेष शर्मा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिया गया है।

Courtsyamarujala.com

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